ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को तेहरान के एक अस्पताल के मलबे से निकालने का दावा किया गया है. यह दावा ईरान की Assembly of Experts के सदस्य मोहसेन हैदरी ने किया है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हैदरी ने कतर के टीवी नेटवर्क अल अराबी को दिए एक इंटरव्यू में यह जानकारी दी.
हैदरी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि घायल होने के बाद मोजतबा खामेनेई को अस्पताल ले जाया गया था. इसके बाद तेहरान के तीन अस्पतालों को निशाना बनाया गया. हैदरी के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई तीसरे अस्पताल में मौजूद थे, जहां हमले के बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया.
ट्रंप ने कहा था- ‘वह मरे नहीं हैं’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने अमेरिकी कमेंटेटर ग्लेन बेक के साथ बातचीत में कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि मुजतबा खामेनेई की मौत हुई है. ट्रंप ने कहा था कि ईरानी नेता गंभीर रूप से घायल हुए थे और उनके शरीर के बाएं हिस्से हाथ और पैर पर गंभीर चोटें आई थीं.
मलबे से निकलने के बाद कहां हैं मोजतबा?
न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, अस्पताल के मलबे से निकाले जाने के बाद मोजतबा खामेनेई कथित तौर पर किसी अज्ञात स्थान पर चले गए. इसके बाद से वह सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं और उनके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. उनकी स्थिति को लेकर लगातार अटकलें लगाई जाती रही हैं.
कैसे बने ईरान के सुप्रीम लीडर?
मोहसेन हैदरी ने मोजतबा खामेनेई के सुप्रीम लीडर चुने जाने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 8 मार्च को Assembly of Experts की बैठक में मोजतबा खामेनेई के नाम पर फैसला हुआ. उन्होंने दावा किया गया कि मोजतबा को खुद तब तक इसकी जानकारी नहीं थी, जब तक ईरान के सरकारी टेलीविजन पर उनके चयन की घोषणा नहीं की गई.
Assembly of Experts के ठिकाने पर भी हमला
रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम लीडर के चयन की संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने वाली Assembly of Experts भी हमलों की चपेट में आई थी. न्यूयॉर्क पोस्ट ने दावा किया कि क़ोम स्थित इसके सचिवालय पर हुए हमले में आठ लोगों की मौत हुई और नए सुप्रीम लीडर के चयन से जुड़े दस्तावेज तथा सिफारिशें नष्ट हो गईं.
गुप्त कमरे में हुआ था चयन
हैदरी के अनुसार, दस्तावेज नष्ट होने के बाद Assembly of Experts के सदस्यों ने अपने वोट कागज पर लिखे. इसके बाद उन्हें चयन प्रक्रिया के लिए एक गुप्त कमरे में बुलाया गया. हैदरी ने दावा किया कि मुजतबा खामेनेई के नाम का प्रस्ताव रखने वाले वह पहले सदस्य थे.
59 में से 50 वोट मिलने का दावा
रिपोर्ट में हैदरी के हवाले से कहा गया है कि मोजतबा खामेनेई को कुल 59 में से 50 वोट मिले. वहीं, अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को 8 वोट मिले और एक सदस्य ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया. हालांकि, ये विवरण उसी इंटरव्यू और मीडिया रिपोर्ट पर आधारित हैं.
‘मैन ऑफ द शैडोज’ के तौर पर पहचान
मोहसेन हैदरी ने मुजतबा खामेनेई को ‘मैन ऑफ द शैडोज’ भी बताया. रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम लीडर बनने से पहले उन्होंने ईरानी सरकार में कोई प्रमुख राजनीतिक पद नहीं संभाला था. हालांकि, वह अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के सलाहकार के तौर पर काम कर चुके थे.
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में गंभीर चोट का दावा
मुजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर पहले भी कई तरह की खबरें सामने आती रही हैं. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में उन्हें हमलों के दौरान गंभीर रूप से घायल और चेहरे पर गंभीर चोटों से प्रभावित बताया गया था. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है.
ट्रंप ने कहा था- ‘वह मरे नहीं हैं’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने अमेरिकी कमेंटेटर ग्लेन बेक के साथ बातचीत में कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि मुजतबा खामेनेई की मौत हुई है. ट्रंप ने कहा था कि ईरानी नेता गंभीर रूप से घायल हुए थे और उनके शरीर के बाएं हिस्से हाथ और पैर पर गंभीर चोटें आई थीं.
ईरानी राष्ट्रपति ने बताया- ‘पूरी तरह स्वस्थ’
वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इस सप्ताह फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में मुजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर अलग दावा किया. उन्होंने कहा कि मुजतबा ‘पूरी तरह स्वस्थ’ हैं. पेजेश्कियन के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच पिछले महीने करीब सात घंटे तक मुलाकात और बातचीत हुई थी.
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