Vantara Mahadevi: कोल्हापुर में महादेवी के नाम से मशहूर हथिनी माधुरी की वापसी को लेकर वनतारा ने अपना पक्ष रखा है। संस्था ने कहा कि हाई-पावर्ड कमेटी के निर्देशों के अनुसार माधुरी को कोल्हापुर लौटाया जा रहा है। उसकी पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं, इसलिए वनतारा के पशु चिकित्सक हर दो सप्ताह में उसकी मेडिकल जांच करेंगे और रिपोर्ट सक्षम अधिकारियों को सौंपेंगे।

vantara elephant mahadevi

वनतारा में हथिनी महादेवी की तस्वीरें।

  • Published: 11 Sep 2026, 06:48 PM IST
  • Last Updated: 11 Sep 2026, 06:57 PM IST

Vantara Mahadevi: जामनगर स्थित वनतारा (Vantara) ने हथिनी माधुरी (कोल्हापुर में महादेवी) की कोल्हापुर वापसी को लेकर अपना बयान जारी किया है। वनतारा ने कहा- माधुरी को 30 जुलाई 2025 को हाई-पावर्ड कमेटी (HPC) के निर्देशों के तहत जामनगर लाया गया था। इन निर्देशों को बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। Vantara के मुताबिक, उसने माधुरी की कस्टडी नहीं मांगी थी, बल्कि निर्देश मिलने के बाद उसकी देखभाल की थी।

वनतारा ने कहा- वह कोल्हापुर के लोगों की भावनाओं को पूरी तरह समझता है। महाराष्ट्र सरकार, अधिकारियों, स्थानीय लोगों और अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद संस्था ने अगस्त 2025 में ही कहा था कि वह इन भावनाओं का सम्मान करेगी और सक्षम अधिकारियों के निर्देशों का पालन करेगी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद माधुरी को लेकर सभी पक्षों ने अपने दावे हाई-पावर्ड कमेटी के सामने रखे। कमेटी ने पक्षों की सुनवाई की, रिपोर्ट मंगाईं और नंदानी स्थित सुविधा का निरीक्षण किया। इसके बाद 9 सितंबर 2026 को HPC ने माधुरी को कोल्हापुर लौटने की अनुमति दे दी। कमेटी ने उसकी वापसी के साथ कई सख्त शर्तें भी रखी हैं। माधुरी का इस्तेमाल किसी जुलूस या अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकेगा। उसे 24 घंटे देखभाल देनी होगी और हर दो सप्ताह में उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।

वनतारा ने कहा- माधुरी की सेहत उसकी प्राथमिकता रही है। लगातार इलाज और पशु चिकित्सकीय देखभाल से उसकी स्थिति स्थिर हुई है, लेकिन उसकी पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। इसलिए उसे नियमित निगरानी और उचित देखभाल की जरूरत बनी रहेगी।

संस्था के मुताबिक, माधुरी के कोल्हापुर लौटने के बाद भी उसकी जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी। Vantara ने नंदानी स्थित परिसर में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर जरूरी इंतजाम किए हैं। साथ ही रहने की व्यवस्था, मेडिकल उपकरण, दवाइयों और पशु चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद की गई है।

वनतारा के पशु चिकित्सक हर दो सप्ताह में कोल्हापुर जाकर माधुरी की मेडिकल जांच करेंगे और HPC के निर्देश के अनुसार रिपोर्ट सक्षम अधिकारियों को सौंपेंगे। संस्था ने कहा- यह देखभाल की निरंतरता और माधुरी के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।

वनतारा ने यह भी कहा कि नंदानी की सुविधा में आगे सुधार की जरूरत होने पर वह मठ की मदद के लिए उपलब्ध रहेगा। हालांकि फिलहाल टाउन प्लानिंग से जुड़ी सीमाओं के कारण वहां बड़े स्तर पर निर्माण संभव नहीं है, क्योंकि ट्रस्ट की जमीन से होकर गुजरने वाली सड़क के चलते विकास के लिए उपलब्ध जगह सीमित है।

संस्था ने कहा कि वास्तविक पशु कल्याण के लिए भावनाओं के साथ तथ्य, पशु चिकित्सा विज्ञान, जिम्मेदार देखभाल और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान जरूरी है। Vantara ने सुप्रीम कोर्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट और HPC के निर्देशों के प्रति आभार जताते हुए माधुरी के स्वस्थ, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की कामना की।