South West Vastu Dosh: हर कोई चाहता है कि उनके घर में सुख-शांति बनी रहे और लड़ाई-झगड़ा न हो. लेकिन अक्सर देखा जाता है कि बिना किसी वजह के भी परिवार के लोगों में कहासुनी होती रहती है. घर में छोटी-छोटी बातों पर विवाद होना और परिवार के सदस्यों के बीच लगातार तनाव बना रहना कई बार रिश्तों पर भी असर डालता है. वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं और उनके संतुलन को पारिवारिक सुख-शांति से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि घर की कुछ दिशाओं में वास्तु दोष होने पर नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है, जिससे आपसी मतभेद और मानसिक तनाव की स्थिति बन सकती है.
वास्तु के मुताबिक, घर में होने वाले कलह के पीछे ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा और नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा का असंतुलन एक बड़ा कारण माना जाता है. उत्तर-पूर्व दिशा में गंदगी या भारी सामान रखने से मानसिक तनाव बढ़ने की बात कही जाती है, जबकि दक्षिण-पश्चिम दिशा में वास्तु दोष होने पर परिवार के रिश्तों में खटास आने की मान्यता है. खासतौर पर नैऋत्य कोण को घर के मुखिया और पारिवारिक स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है.
नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) वास्तु दोष
दक्षिण-पश्चमि दिशा घर के मुखिया का स्थान है. इस दिशा में दोष होने पर आपसी समझ और रिश्तों की स्थिरता टूटती है. इस कोने में दोष होने से परिवार में कलह और क्लेश होता है. वास्तु शास्त्र में नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम दिशा) पृथ्वी तत्व और स्थायित्व का प्रतीक है. इस कोने के स्वामी राहु-केतु और राक्षस प्रवृत्ति के देवता निर्ऋति हैं. इस दिशा का मुख्य काम घर में स्थिरता, सुरक्षा और मुखिया को बल देना है.
यह भी पढ़ें – हर घर में दिखने वाले लाफिंग बुद्धा असल में कौन थे? जानें इनकी कहानी, दिशा और नियम
नैऋत्य कोण के वास्तु दोष
कटा हुआ होना:- अगर दक्षिण-पश्चिम का कोना अंदर की ओर धंसा या कटा हो तो गंभीर दोष बनता है.
मुख्य द्वार या खिड़की:- इस दिशा में मुख्य दरवाजा या बड़ी खिड़कियां होना अशुभ माना जाता है
अंडरग्राउंड पानी:- इस कोने में बोरवेल, भूमिगत पानी की टंकी या सेप्टिक टैंक होना सबसे बड़ा दोष है
खुला स्थान:- नैऋत्य कोण का खुला होना, बालकनी या ज्यादा खिड़कियां होना.
रसोई घर:- इस दिशा में रसोई या चूल्हा होना सेहत और धन की हानि करता है.
नकारात्मक प्रभाव
- घर के मुखिया को लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रहना
- अचानक भारी आर्थिक नुकसान या कर्ज का बढ़ना.
- परिवार में आपसी कलह और मानसिक तनाव रहना.
- करियर या व्यवसाय में स्थिरता का खत्म होना.
यह भी पढ़ें – क्या आपके घर में बार-बार टूटती हैं चीजें? शनि और राहु का हो सकता है प्रकोप
नैऋत्य कोण में वास्तु दोष कैसे दूर करें?
- दीवारें मोटी रखें: इस दिशा की दीवारें बाकी दिशाओं की तुलना में ऊंची और मोटी होनी चाहिए.
- राहु-केतु के उपाय: दोष निवारण के लिए इस दिशा में राहु-यंत्र या पिरामिड स्थापित करें.
- वजन बढ़ाएं: इस कोने में भारी फर्नीचर, अलमारी या पत्थरों के शोपीस रखें.
- रंगों का चयन: दीवारों पर पीला, क्रीम या भूरा रंग करवाएं.
- बचाएं नीले रंग से: इस दिशा में कभी भी नीला या ज्यादा लाल रंग न करें.
- कटाव या बढ़ा हुआ कोना: कटे हुए हिस्से पर पीले रंग का इस्तेमाल करें या भारी धातु/पत्थर रखें.
- टॉयलेट होने पर: शौचालय के दरवाजे पर वास्तु पिरामिड लगाएं और दरवाजा हमेशा बंद रखें.
- गलत मेन दरवाजा: मुख्य द्वार पर गणेश जी का चिन्ह या धातु की पट्टियां लगाएं.
- अंडरग्राउंड पानी/गड्ढा: अगर इस तरफ बोरिंग या गड्ढा है, तो वहां भारी वजन या मिट्टी के बर्तन में पीले पत्थर रखें.

सना चौधरी
सना यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली हैं. सना ने हाईटेक इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट ऑप्टिमाईजेशन और वीडियो एडिटिंग भी सीखा है. जिसके बाद सना ने अलग-अलग जगहों पर डिजिटल कॉन्टेंट राइटर और वीडियो एडिटर के तौर पर काम किया. इससे पहले सना Zee मीडिया में बतौर वीडियो और कंटेंट एडिटर काम कर चुकी हैं. उन्होंने जी न्यूज में सोशल मीडिया पेज मैनेज किया है. Zee के बाद सना ने टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट TV9hindi.com में बतौर ट्रेनी ज्वाइन किया. सना को न्यूज़ एंकरिंग का भी शौक है.
Read More