Vastu Remedies for Flat: वास्तु शास्त्र का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व माना जाता है, जिसका सामान्य जीवन में अहम योगदान है. वास्तु शास्त्र में घर में रखी हर छोटी-बड़ी चीज के रख-रखाव को लेकर नियम बताए गए हैं. घर का मेन दरवाजा किस दिशा में होना चाहिए, किचन कहां होनी चाहिए, मंदिर किस दिशा में होना चाहिए और टॉयलेट-बाथरूम का किस दिशा में होना सही है, इन सभी बातों को ध्यान रखना बेहद जरूरी माना जाता है. वास्तु नियमों का पालन न करते पर वास्तु दोष लग सकता है, जिसका सीधा असर परिवार के सदस्यों की तरक्की और सेहत पर पड़ता है.
जो लोग अपने घर में रहते हैं वो सुविधानुसार तोड़फोड़ करके भी वास्तु दोष को ठीक कर सकते हैं. लेकिन जो लोग अपने घर में न रहकर फ्लैट में रहते हैं उस जगह का वास्तु दोष ठीक करना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि वहां तोड़फोड़ नहीं की जा सकती है. अगर आप भी फ्लैट में रहते हैं और वास्तु दोष से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं बिना तोड़फोड़ के वास्तु उपाय.
फ्लैट वास्तु टिप्स
फ्लैट में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी वास्तु टिप्स यहां दिए गए हैं:-
1. मुख्य प्रवेश द्वार (Main Entrance)
- दिशा: फ्लैट का मुख्य द्वार पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में होना सबसे शुभ माना जाता है.
- आकार: मुख्य द्वार घर के अन्य सभी दरवाजों से बड़ा होना चाहिए.
- उपाय: अगर मुख्य द्वार गलत दिशा में हो, तो उसके ऊपरी हिस्से पर पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर या चिह्न लगा सकते हैं.
2. रसोईघर (Kitchen)
- दिशा: रसोई के लिए सबसे अच्छी दिशा दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) या उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) है.
- खाना बनाते समय: खाना बनाते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए.
- नियम: ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में किचन कभी नहीं होना चाहिए.
3. मास्टर बेडरूम (Master Bedroom)
- दिशा: बेडरूम के लिए दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) दिशा सबसे उत्तम मानी जाती है, इससे स्थिरता और मानसिक शांति मिलती है.
- दर्पण का ध्यान: बेडरूम में बिस्तर के ठीक सामने कभी भी शीशा (दर्पण) न लगाएं, इससे नकारात्मक ऊर्जा परावर्तित होती है.
- आकार: बेडरूम हमेशा चौकोर या आयताकार होना चाहिए.
4. पूजा कक्ष (Pooja Room)
- दिशा: पूजा स्थल हमेशा उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में होना चाहिए.
- मूर्ति की स्थिति: देवी-देवताओं की मूर्तियों का मुख पश्चिम या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए. मूर्तियों का मुंह दक्षिण दिशा में न रखें.
5. बालकनी और खिड़कियां (Balcony & Windows)
- दिशा: उत्तर और पूर्व दिशा की बालकनी सबसे शुभ होती है क्योंकि इससे ताजी हवा और सुबह की सकारात्मक धूप घर में आती है.
- पौधे: पूर्व दिशा की बालकनी में हरे-भरे पौधे लगाएं, जो घर में नई ऊर्जा भरते हैं.
6. बिना तोड़-फोड़ के वास्तु दोष निवारण
- जल तत्व: अगर घर की दिशा में कोई वास्तु दोष है, तो ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में एक साफ कांच के बाउल या गुलदस्ते में ताजा पानी भरकर रखें और उसे रोजाना बदलें.
- धन वृद्धि के लिए: घर के दक्षिण-पूर्वी कोने में ‘सिक्के पर बैठा उल्लू’ शोपीस रखना आर्थिक समृद्धि के लिए अच्छा माना जाता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

सना चौधरी
सना यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली हैं. सना ने हाईटेक इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट ऑप्टिमाईजेशन और वीडियो एडिटिंग भी सीखा है. जिसके बाद सना ने अलग-अलग जगहों पर डिजिटल कॉन्टेंट राइटर और वीडियो एडिटर के तौर पर काम किया. इससे पहले सना Zee मीडिया में बतौर वीडियो और कंटेंट एडिटर काम कर चुकी हैं. उन्होंने जी न्यूज में सोशल मीडिया पेज मैनेज किया है. Zee के बाद सना ने टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट TV9hindi.com में बतौर ट्रेनी ज्वाइन किया. सना को न्यूज़ एंकरिंग का भी शौक है.
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