स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश ने वाहन स्क्रैपिंग नीति के क्रियान्वयन में देश भर में पहला स्थान हासिल किया है। 31 जुलाई 2026 तक देश में स्क्रैप किए गए कुल 4.07 लाख वाहनों में से 1.97 लाख से अधिक वाहन अकेले उत्तर प्रदेश में स्क्रैप किए गए, जो कुल हिस्सेदारी का करीब 48.5 प्रतिशत है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( फाइल फोटो )

  • Published: 29 Aug 2026, 12:16 PM IST
  • Last Updated: 29 Aug 2026, 12:16 PM IST

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और वैज्ञानिक तरीके से अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए बड़े सुधार लागू कर रही है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार, अनफिट और प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को पर्यावरण अनुकूल और वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने में उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सर्कुलर इकोनॉमी को गति देकर प्रदेश को स्वच्छ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ना है।

​देशभर में स्क्रैप हुए वाहनों में यूपी की करीब आधी हिस्सेदारी

परिवहन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक पूरे देश में 4.07 लाख से अधिक वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं। इनमें से 1.97 लाख से अधिक वाहन अकेले उत्तर प्रदेश में स्क्रैप हुए हैं।

इस प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर हुई कुल स्क्रैपिंग में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 48.5 प्रतिशत रही है। यह आंकड़ा प्रदेश में सरकारी नीतियों के जमीनी क्रियान्वयन और वाहन स्वामियों की सकारात्मक सहभागिता को प्रमाणित करता है।

​51 पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र सक्रिय, मजबूत हुआ नेटवर्क

प्रदेश में पुराने और अनुपयोगी वाहनों को वैज्ञानिक पद्धति से नष्ट करने के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। राज्य में कुल 92 लाइसेंस प्राप्त पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र (RVSF) स्वीकृत हैं, जिनमें से 51 केंद्र वर्तमान में पूरी क्षमता से संचालित हो रहे हैं।

इससे वाहन मालिकों को अपने जीवन-चक्र पूरे कर चुके वाहनों को असंगठित कबाड़ बाजार में बेचने के बजाय अधिकृत और सुरक्षित केंद्रों पर स्क्रैप कराने की सुविधा मिल रही है।

​नया वाहन खरीदने पर रोड टैक्स में 15% तक की छूट

पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वाहन मालिकों को आर्थिक प्रोत्साहन देने के लिए टैक्स छूट का प्रावधान किया गया है।

स्क्रैपिंग के बाद मिले 'जमा प्रमाणपत्र' के आधार पर नया वाहन खरीदने पर गैर-परिवहन (निजी) वाहनों पर 15 प्रतिशत और व्यावसायिक परिवहन वाहनों पर 10 प्रतिशत रोड टैक्स की छूट दी जा रही है। इसके अलावा, एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रक या बस को स्क्रैप कर नया वाहन लेने पर निर्धारित शर्तों के अधीन 10 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत तक रोड टैक्स छूट का विशेष लाभ दिया जा रहा है।

​मानकों के पालन के लिए विशेष निरीक्षण अभियान

पंजीकृत केंद्रों पर कार्यप्रणाली की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परिवहन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। जुलाई 2026 में मिली शिकायतों के आधार पर केंद्रों की जांच के लिए विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया था।

इसके तहत प्रत्येक संभाग में अधिकारियों की संयुक्त टीमों का गठन कर यह सुनिश्चित किया गया कि सभी स्क्रैपिंग प्रक्रियाएं केंद्र और राज्य सरकार द्वारा तय पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप ही संचालित हों।

​एनसीआर में 'परिवर्तन योजना' से स्वच्छ परिवहन को रफ्तार

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अंतर्गत आने वाले मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए परिवर्तन योजना लागू की गई है।

इसके अंतर्गत पुराने बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 मालवाहक वाहनों तथा बसों को चरणबद्ध तरीके से बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला जा रहा है, जिससे वर्ष 2047 तक विकसित और प्रदूषण मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।