Published: Wednesday, September 2, 2026, 18:17 [IST]
Ujjain Aghori Kali Nand Giri Viral Video: 'आज इंसान को खाएंगे, बहुत गरम है, बहुत टेस्टी है...खोपड़ी से खेलना यह हमारा काम'....मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें खुद को अघोरी बताने वाली 27 वर्षीय ट्रांसजेंडर काली उर्फ नंद गिरि हाथ में तलवार लेकर जलती चिता के पास पहुंची है। मंत्र पढ़ने के बाद वह जलती चिता में तलवार डाल देती है। और कथित तौर पर कुछ निकालकर खाने लगती है।
वीडियो में वह कथित चीज को 'गर्म और स्वादिष्ट' इंसानी मांस बता रही है। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने नंद गिरि को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आइए जानते हैं कि कौन है ये...
Who Is Kali Nand Giri: कौन हैं काली नंद गिरि?
काली उर्फ नंद गिरि की उम्र 27 साल है। तेलंगाना के मंचिरियल की निवासी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम उम्र में घर छोड़ दिया था और बाद में साधु जीवन अपना लिया। नंद गिरि किन्नर अखाड़े से जुड़ी रहीं। वह खुद को देश की पहली ट्रांसजेंडर अघोरी बताती हैं। उनके बारे में यह भी दावा किया जाता है कि उन्होंने देश के कई हिस्सों की यात्रा की है और 18 भाषाएं बोल सकती हैं।
करीब एक साल पहले उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि दिए जाने की बात सामने आई थी। बाद में गुरु-शिष्य परंपरा से जुड़े विवाद के बीच यह उपाधि वापस लिए जाने की जानकारी सामने आई। हालांकि, नंद गिरि ने इस उपाधि पर अपना दावा कायम रखा।
'खोपड़ी से खेलना मेरा काम', वाले वीडियो भी वायरल
नंद गिरि सोशल मीडिया पर अघोरी साधना और श्मशान से जुड़े वीडियो पोस्ट करती रही हैं। उनके कई वीडियो में खोपड़ी और अघोर साधना से जुड़े दृश्य नजर आते हैं। इसी वजह से वह पहले भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रही हैं।
वीडियो में गिरि ने कहा कि आज इंसान को खाएंगे। इसके बाद तलवार जलती चिता में डाल दी। अंदर से एक कथित टुकड़ा निकाला और पानी डालकर ठंडा करके खाने लगी। साथ ही वीडियो में बोलती नजर आई कि बहुत गरम है, बहुत टेस्टी है। तुम्हारे जीवन से भी ऐसा खेलूंगी। इंसान को गरम-गरम खाना, राख लगाना, भूत-प्रेत, खोपड़ी से खेलना यह हमारा काम है। हमसे बचकर रहना। आगे कहा कि किसी के बस की बात नहीं है, इंसान को गरम-गरम ऐसे खाना। ये हमारा जीवन है। हम क्या कर सकते हैं, ये तुम्हारे सोच के बाहर।
किस कानून में हुई कार्रवाई?
उज्जैन पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो के आधार पर शिकायत मिली थी। सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस पुष्पा प्रजापति ने बताया कि नंद गिरि के खिलाफ BNS की धारा 301 के तहत FIR दर्ज की गई है। यह धारा कब्रिस्तान या अंत्येष्टि स्थल में अनधिकृत प्रवेश, तोड़फोड़ या मानव शव/अवशेषों के अपमान से संबंधित है। दोष साबित होने पर इसमें जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस ने नंद गिरि के पास से एक चार पहिया वाहन भी जब्त किया है। इसमें बड़ी संख्या में मानव खोपड़ियां मिलने की बात कही गई है। इनके स्रोत और वास्तविक प्रकृति की जांच की जा रही है।
अघोरी साधु क्या करते हैं?
अघोर परंपरा शैव साधना से जुड़ी मानी जाती है। इसमें मृत्यु, श्मशान और उन चीजों को साधना का हिस्सा बनाया जाता है, जिन्हें आम समाज वर्जित या अपवित्र मानता है।
अघोर साधना का उद्देश्य भय, घृणा और सामाजिक वर्जनाओं से ऊपर उठकर आध्यात्मिक मुक्ति प्राप्त करना बताया जाता है। लेकिन मानव अवशेषों का सेवन हिंदू धर्म की सामान्य धार्मिक प्रथा नहीं है। इसी आधार पर संत समाज के कई लोगों ने उज्जैन की घटना की निंदा की है।
अखाड़ा परिषद ने की सख्त कार्रवाई की मांग
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा से कार्रवाई की मांग की। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि ने भी पत्र लिखकर कहा कि मानव अंगों का सेवन किसी शास्त्र में निर्धारित नहीं है। उन्होंने साधु-संतों की वेशभूषा में इस तरह की गतिविधियां करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।