Sep 13, 2026 02:31 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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कोल्हापुर के नांदणी में माधुरी को 1992 में लाया गया था। तब वह सिर्फ 4 साल की थी। जानकारी के मुताबिक, मठ में करीब 700 साल से हाथी पालने की परंपरा रही है और माधुरी 32 साल तक यहीं रही।

madhuri elephant

जिस हथिनी के स्वागत में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी है, उसका नाम माधुरी है

महाराष्ट्र के कोल्हापुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल है। इस वीडियो में साफ-साफ देख जा सकता है कि, हजारों लोग की एक बड़े ट्रक के पीछे चल रहे हैं। जगह-जगह पर भीड़, फूल-मालाओं के साथ उसका स्वागत भी कर रही है। वीडियो को पहली नजर में देखने पर ऐसा लगता है कि, ट्रक पर शायद कोई फिल्म स्टार या कोई बड़ा राजनेता हो...जिसकी एक झलक पाने के लिए इतनी भीड़ है। पर ट्रक पर कोई सेलिब्रिटी नहीं बल्कि एक हथिनी है और उसके स्वागत में पूरा शहर उमड़ा है। क्या है इस हथिनी की कहानी और क्यों इसके स्वागत में पूरा शहर उमड़ा है आइए जानते हैं ये कहानी।

जिस हथिनी के स्वागत में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी है, उसका नाम माधुरी है और कोल्हापुर में उसे महादेवी के नाम से जाना जाता है। महादेवी को करीब 13 महीने बाद गुजरात के वनतारा से महाराष्ट्र के कोल्हापुर आई है। कोल्हापुर के नांदणी गांव स्थित जैन मठ पहुंचने पर शनिवार रात हजारों लोगों ने फूल बरसाकर उसका स्वागत किया। महादेवी को जुलाई 2025 में हाई पावर कमेटी के निर्देश पर गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस फाउंडेशन के एनिमल सेंटर वनतारा भेजा गया था। कोल्हापुर में लोग इसका विरोध कर रहे थे।

वापसी के लिए रखी गई ये शर्तें

ये मामला बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। 9 सितंबर 2026 को हाई पावर कमेटी ने नांदणी की व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद माधुरी को वापस कोल्हापुर भेजने का आदेश दिया था। हाई पावर कमेटी ने माधुरी की वापसी को कुछ सख्त शर्तों के साथ मंजूरी दी है।

माधुरी का इस्तेमाल जुलूस या किसी दूसरे आयोजन में नहीं किया जा सकेगा। हर 15 दिन में मेडिकल जांच करानी होगी। वनतारा के डॉक्टर हर 15 दिन में नांदणी जाकर उसकी जांच करेंगे।

1992 से मठ में है माधुरी

बता दें कि, कोल्हापुर के नांदणी में माधुरी को 1992 में लाया गया था। तब वह सिर्फ 4 साल की थी। जानकारी के मुताबिक, मठ में करीब 700 साल से हाथी पालने की परंपरा रही है और माधुरी 32 साल तक यहीं रही।

माधुरी को 30 जुलाई 2025 को HPC के निर्देशों के तहत जामनगर स्थित वनतारा लाया गया था। वनतारा का कहना है कि उसने माधुरी की कस्टडी नहीं मांगी थी, बल्कि समिति के निर्देश पर उसे अपने यहां रखा और उसकी देखभाल की। इन निर्देशों को बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। इसके बाद 6 अगस्त 2025 को वनतारा ने कहा था कि वह लोगों की भावनाओं का सम्मान करेगा और सक्षम अधिकारियों के निर्देशों का पालन करेगा।

जरिए जानिए कब क्या हुआ

30 अक्टूबर 2023: पशु अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था PETA ने महाराष्ट्र वन विभाग और सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि हथिनी माधुरी की तबीयत ठीक नहीं है।

28 दिसंबर 2023: सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर्ड कमेटी (HPC) ने फैसला सुनाते हुए निर्देश दिया कि माधुरी को उचित देखभाल और इलाज के लिए गुजरात स्थित 'वनतारा' पुनर्वास केंद्र भेजा जाए।

29 सितंबर 2024: हाई पावर्ड कमेटी ने दोबारा नांदणी मठ जाकर हथिनी माधुरी के स्वास्थ्य और स्थिति का निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

17 मई 2025: सुप्रीम कोर्ट की HPC ने मामले पर दोबारा सुनवाई की और अपने पूर्व निर्णय को बरकरार रखते हुए माधुरी को वनतारा भेजने की सिफारिश की।

16 जुलाई 2025: बॉम्बे हाई कोर्ट ने HPC के फैसले को सही ठहराया।

29 जुलाई 2025: सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्वास के खिलाफ दायर अंतिम याचिका को खारिज कर दिया। उसी रात माधुरी को सुरक्षा के साथ गुजरात के वनतारा केंद्र भेज दिया गया।

12 सितंबर 2026: लगभग 13 महीने तक चले इलाज और देखभाल के बाद, हथिनी माधुरी अपने घर वापस लौटी। उसके लौटने की खुशी में हजारों लोगों ने उसका भव्य स्वागत किया।