Indian wrestler Vinesh Phogat: भारतीय पहलवान विनेश फोगट की दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रायल में शामिल नहीं हो सकेंगी।

Indian wrestler Vinesh Phogat

भारतीय पहलवान विनेश फोगट की दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।

  • Published: 11 Sep 2026, 03:28 PM IST
  • Last Updated: 11 Sep 2026, 03:29 PM IST

Indian wrestler Vinesh Phogat: भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के ट्रायल में हिस्सा लेने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। बताया जा रहा है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने  गुरुवार देर रात हुई सुनवाई के दौरान उनकी याचिका खारिज कर दी। दरअसल फोगाट ने याचिका के माध्यम से वर्ल्ड चैंपियनशिप के ट्रायल में शामिल होने की परमिशन मांगी थी। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनवाई के दौरान कहा कि भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा तय पात्रता मानदंड में किसी एक खिलाड़ी को छूट नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि यह सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होने वाले पात्रता मानदंड हैं, इसे केवल विनेश फोगाट के पक्ष में बदलना उचित नहीं होगा।  

ऐसा कहा जा रहा है कि WFI ने 7 सितंबर को 6 ओलंपिक भार वर्गों के लिए चयन ट्रायल के नए नियम जारी किए गए थे। इन नियमों के तहत बताया गया था कि  ट्रायल के लिए किन खिलाड़ियों को अवसर मिलेगा, और किन्हें नहीं दिया जाएगा।

कुछ खास प्रतियोगिताओं के पदक विजेता इसके लिए योग्‍य हैं, राष्ट्रीय कोचिंग कैंप में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी योग्‍य माने गए हैं। इसके साथ ही अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए चुने गए खिलाड़ियों को भी अवसर मिलेगा। लेकिन विनेश इन शर्तों पर खरी नहीं थी इसलिए उन्‍होंने इन नियमों को कोर्ट में चुनौती दी। 

विनेश फोगाट ने क्या कहा ?

विनेश फोगाट ने इन नियमों को चुनौती देते हुए कहा था कि गर्भावस्था, बच्चे के जन्म और उसके बाद की रिकवरी की वजह से वह तय प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाई थी, जिसके चलते वह नए पात्रता मानदंड में वह बाहर हो गईं। फोगाट 2025 में मां बनीं थी , और इसके बाद उन्होंने वापसी की। उन्होंने यह भी कहा कि WFI की ओर से उन्‍हें नोटिस भी दिया गया था।  

पारदर्शी चयन प्रक्रिया की भी मांग

विनेश फोगाट ने कोर्ट से केवल वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रायल में हिस्सा लेने की परमिशन नहीं मांगी थी, बल्कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और मातृत्व की वजह से क्वालीफाइंग प्रतियोगिताओं से बाहर रहने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की भी मांग की थी। लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद फिलहाल उनके वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रायल में हिस्सा लेने का रास्ता बंद हो गया है।