फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ नगर निगम जोन कार्यालय में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया। जब वार्ड-42 के निर्दलीय पार्षद दीपक यादव जनता के अधूरे काम को लेकर अपना आपा खो बैठे। सीवर लाइन का काम तय समय पर शुरू नहीं होने से नाराज पार्षद ने नगर निगम के कार्यका

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करीब आधे घंटे तक कार्यालय परिसर में पार्षद, XEN और समर्थकों के बीच जमकर बहस होती रही। इस पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए निगम कार्यालय में लोगों की भीड़ जुट गई।

पार्षद दीपक यादव द्वारा XEN कार्यालय में लगाया गया ताला।

पार्षद दीपक यादव द्वारा XEN कार्यालय में लगाया गया ताला।

वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद शुरू नहीं हुआ काम

मामला वार्ड-43 का है, जहां की पार्षद रश्मि यादव हैं। उनके पति दीपक यादव वार्ड-42 से निर्दलीय पार्षद हैं। वार्ड-43 में सुषमा स्वराज कॉलेज से लेकर तिरखा कॉलोनी की गली होते हुए तिगांव रोड तक मुख्य सीवर लाइन डालने का कार्य स्वीकृत हुआ था।

करीब 15 दिन पहले इस कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया था और ठेकेदार को वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद 4 दिन के भीतर काम शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ।

इसी बात को लेकर दीपक यादव अपने समर्थकों के साथ नगर निगम जोन कार्यालय पहुंचे और सीधे XEN दालचंद शर्मा के कार्यालय में पहुंच गए। वहां उन्होंने काम में देरी का कारण पूछा। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। पार्षद का कहना था कि जनता लंबे समय से परेशान है, लेकिन अधिकारी केवल फाइलों में काम चला रहे हैं। वहीं XEN तकनीकी प्रक्रिया और निरीक्षण का हवाला देते रहे।

XEN दालचंद शर्मा से बात करते हुए पार्षद दीपक यादव।

XEN दालचंद शर्मा से बात करते हुए पार्षद दीपक यादव।

XEN के बाहर जाने पर कार्यालय पर लगाया ताला

बहस के दौरान माहौल इतना गर्म हो गया कि XEN दालचंद शर्मा अचानक अपने कार्यालय से बाहर निकल गए और वहां मौजूद लोगों को छोड़कर बाहर चले गए। XEN के बाहर निकलते ही पार्षद दीपक यादव का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने अपने साथ लाई गई जंजीर, ताला और चाबी निकाली और XEN के कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर जंजीर बांधकर ताला जड़ दिया। इतना ही नहीं, दरवाजे को कुर्सी से भी बांध दिया ताकि कार्यालय खोला न जा सके।

ताला लगाने के बाद पार्षद दीपक यादव ने मौके पर मौजूद लोगों के सामने कहा कि “जब अधिकारी जनता के काम समय पर नहीं कर सकते, लोगों की समस्याओं को नहीं समझ सकते और केवल बहाने बनाते हैं, तो ऐसे अधिकारियों के कार्यालय पर ताला लगा देना चाहिए। जनता ने हमें उनकी आवाज उठाने के लिए चुना है और हम जनता के अधिकारों के लिए हर स्तर तक लड़ेंगे।”

XEN दालचंद शर्मा से बात करने पहुंचे पार्षद दीपक यादव।

XEN दालचंद शर्मा से बात करने पहुंचे पार्षद दीपक यादव।

सीवर लाइन के काम को लेकर हुई बहस

कुछ देर बाद XEN दालचंद शर्मा दोबारा अपने कार्यालय पहुंचे। कार्यालय पर ताला देखकर उन्होंने पार्षद से कहा कि सरकारी कार्यालय पर ताला लगाना गलत है। इस पर दीपक यादव ने साफ शब्दों में कहा कि पहले मौके पर चलकर यह बताया जाए कि सीवर लाइन का काम आखिर शुरू क्यों नहीं हुआ। उनका कहना था कि जब तक अधिकारी संबंधित स्थल का निरीक्षण नहीं करेंगे और काम शुरू करने का आश्वासन नहीं देंगे, तब तक कार्यालय का ताला नहीं खोला जाएगा।

इसके बाद करीब आधे घंटे तक निगम कार्यालय में लगातार बहस होती रही। एक तरफ पार्षद और उनके समर्थक अधिकारी को मौके पर चलने की बात कहते रहे, जबकि दूसरी ओर XEN का कहना था कि जब तक कार्यालय का ताला नहीं खुलेगा, तब तक वह कहीं नहीं जाएंगे। इस दौरान निगम कार्यालय का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना रहा और कर्मचारी भी पूरे घटनाक्रम को देखते रहे।

XEN कार्यालय में ताला लगाते हुए पार्षद दीपक यादव।

XEN कार्यालय में ताला लगाते हुए पार्षद दीपक यादव।

XEN शर्मा ने पार्षद के आरोपों को निराधार बताया

वहीं XEN दालचंद शर्मा ने पार्षद के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि जिस कार्य को लेकर विवाद किया जा रहा है, वह मामला दो दिन पहले ही उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि मुख्य सीवर लाइन का काम सामान्य निर्माण कार्य नहीं होता।

यह लाइन 40 से 50 वर्षों तक उपयोग में रहती है, इसलिए काम शुरू करने से पहले पूरे क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण करना जरूरी होता है ताकि भविष्य में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

गेट पर ताला लगाकर कुर्सी से बांधी जंजीर।

गेट पर ताला लगाकर कुर्सी से बांधी जंजीर।

'अधिकारी ने जानबूझकर नहीं रोका काम'

XEN ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी ने जानबूझकर काम नहीं रोका है। सभी संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और उन्हें वर्क ऑर्डर के अनुसार जल्द से जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित स्थल का निरीक्षण कर कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।

नगर निगम कार्यालय में हुई यह घटना अब पूरे बल्लभगढ़ में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ओर निर्दलीय पार्षद जनता के काम में देरी को लेकर अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकारी तकनीकी प्रक्रिया और नियमों का हवाला देकर अपना पक्ष रख रहे हैं। फिलहाल सवाल यही है कि जनता की सुविधा के लिए स्वीकृत सीवर लाइन का काम आखिर कब शुरू होगा और यह विवाद कब समाप्त होगा।